स्थायी बंदोबस्त (Permanent Settlement) – आसान नोट्स
📘 स्थायी बंदोबस्त (Permanent Settlement) – आसान नोट्स
🔹 स्थायी बंदोबस्त क्या था?
स्थायी बंदोबस्त भूमि राजस्व की एक व्यवस्था थी, जिसे 1793 ई. में लॉर्ड कॉर्नवालिस ने लागू किया।
इस व्यवस्था में जमींदारों को भूमि का मालिक माना गया और उनसे निश्चित लगान वसूला गया।
🔹 स्थायी बंदोबस्त लागू करने के उद्देश्य
अंग्रेजों को निश्चित राजस्व प्राप्त हो
जमींदारों को अंग्रेजी शासन का समर्थक बनाना
भूमि व्यवस्था को स्थिर करना
🔹 स्थायी बंदोबस्त की मुख्य विशेषताएँ
लगान हमेशा के लिए तय कर दिया गया
जमींदार सरकार को लगान देते थे
किसान जमींदारों के अधीन हो गए
लगान न देने पर जमीन नीलाम हो सकती थी
🔹 स्थायी बंदोबस्त के लाभ
सरकार को नियमित आय
प्रशासन में सुविधा
भूमि व्यवस्था में स्थिरता
🔹 स्थायी बंदोबस्त के दोष
किसानों का अत्यधिक शोषण
जमींदार अत्याचारी बन गए
कृषि का विकास नहीं हुआ
किसान कर्जदार होते चले गए
🔹 किसानों पर प्रभाव
किसान:
गरीब होते गए
लगान न दे पाने पर बेघर हुए
अंग्रेजी शासन से असंतुष्ट हुए
🔹 स्थायी बंदोबस्त का ऐतिहासिक महत्व
इस व्यवस्था ने:
ग्रामीण भारत को कमजोर किया
किसानों में विद्रोह की भावना पैदा की
ब्रिटिश शासन के विरुद्ध असंतोष बढ़ाया
🔹 निष्कर्ष
स्थायी बंदोबस्त अंग्रेजों के लिए लाभदायक था, लेकिन भारतीय किसानों के लिए अत्यंत हानिकारक सिद्ध हुआ।
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